कुर्मियों की बातें : बिहार का विकास कैसे हो?
दुर्गेश कुमार
बिहार का विकास कैसे हो? कौन सी ऐसी चीज हैं जो बिहार को कई पीढियां आगे ले जाने के लिए जरूरी है? यह सब बिहारियों के विमर्श से गायब है।
मेरे समझ से वह ह्यूमन रिसोर्स कैपिटल का डेवलपमेंट ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम बिहार को कई पीढ़ियों के अंतर को पाटने में सक्षम हो सकते हैं। इसके लिए पहली जरूरी शर्त यह है कि हम अपने टैलेंट को ग्रो करें। हमारे कॉलेज, हमारे यूनिवर्सिटी, हमारे तमाम संस्थानों में जो भी टैलेंट है, जो उद्यमी और इनोवेटर्स हैं, उन सबके बीच जाकर के बिहार के लिए क्या बेहतर हो सकता है इस पर चर्चा करें। उनकी समस्याओं पर बात करें...उनके लिए पॉलिसी बनाएं ताकि वह ग्लोबल लेवल पर प्रभाव डालने वाली कंपनियां बिहार में भी विकसित हो सके।
यदि बिहार में रजिस्टर्ड कंपनियां वैश्विक जगत पर कारोबार करेंगी तो उसका लाभांश बिहार को भी प्राप्त होगा। हम कह सकते हैं कि बिहार को एक सपनों की तरह जीने वाले बिहारियों की एक फौज चाहिए।
यहां के लोगों की उत्पादकता... चाहे कृषि उत्पादन हो या मैन्युफैक्चरिंग हो, या नॉलेज कैपिटल हो या टेक्नोलॉजी हो...इन तमाम सेक्टर में बिहारियों को उत्पादकता एक्सीलेंट होनी चाहिए।
मौजूदा समय में बिहार उत्पादक कम, ज्यादा एक बड़ा मार्केट बन कर रह गया है। बिहार में फर्टिलाइजर की जरूरत है, लेकिन फर्टिलाइजर दूसरे राज्यों से आता है ना कि बिहार में उत्पादित होता है। बच्चों के आइसक्रीम, चॉकलेट बाहर से आयातित है।
बिहार में 20000 करोड़ का फार्मा मार्केट है किंतु यहां पर फार्मा इंडस्ट्री नहीं है। अब फार्मा इंडस्ट्री पॉलिसी बना है। ऐसे में बिहारी उद्यमियों और सरकारी तंत्र मिल कर बिहार को अग्रणी बनाने पर बल दें तो बिहार आत्मनिर्भर हो सकता है।
बिहार में टेक्सटाइल का मार्केट है । किंतु टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज यहां अब शुरू हुआ है, हालांकि यह उत्साहित करने वाला नतीजे दे रहा है। बस दो चार टेक्सटाइल पार्क डेवलप हो जाए तो संतुष्ट होने लायक बात होगी।
बिहार में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के फूड प्रोडक्ट आते हैं, लेकिन जरूरी है कंपनियों के अधिकतम प्लांट भी बिहार में ही हो।
बिहार में मोटर बाइक की खपत ज्यादा है किंतु यहां पर एक भी मोटर बाइक इंडस्ट्रीज नहीं है
द्वितीय शर्त यह है की बिहार न सिर्फ अपने उपभोग किए जाने वाले वस्तुओं का उत्पादन करें बल्कि वह दुनिया को भी अपने प्रोडक्ट भी निर्यात करें। यह उद्यमिता की भावना तभी प्रबल होगी जब बिहार सरकार अपने राज्य के उन छात्रों जो दुनिया के ख्यात मैनेजमेंट संस्थानों से पढ़े हो, उन्हें वापस बिहार लौटने और संस्थान खोलने के लिए हर तरह से प्रोत्साहन देगी।
अगर दूसरे लोग यहां पर निवेश के लिए कम संख्या में आते हैं तो ऐसी पॉलिसी बनाने की जरूरत है कि बिहार अपने बिहारियों के लिए आकर्षण का कारण हो..वह भी बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में।
राज्य सरकार द्वारा सेटेलाइट सिटी विकसित की सहमति देना काफी नहीं है। इसे अगले तीन साल में विकसित करने का लक्ष्य हो। आम सड़कों पर आवागमन में होने वाली तमाम असुविधाओं को दुरुस्त करना और ग्लोबल डिमांड के अनुरूप अपने बच्चों को स्किल्ड बनाने में देर करना खुद को अंधेरे में रखना है।
यह सब तो एक दृष्टिकोण है। राज्य सरकार इन में से कई मुद्दों पर काम कर रही है। लेकिन दुखद बात है कि समाज में इस चर्चा न के बराबर होती है। बच्चों के हाथों में मोबाइल है, ट्रेडिशनल एजुकेशन से आगे कोई बताने वाला नहीं है। अधिकांश नेताओं को सड़क, बिजली पर ही भाषण देना है। अपने इलाके के लोगों में उद्यमिता की भावना विकसित करने पर कोई सोच नहीं है। सब कुछ सरकार पर निर्भर है। सरकार भी तो अंततः जनता के अनुरूप ही चलती है। हमारा मुद्दा है कि जनता न्यू आइडिया, ग्लोबल मार्केट, न्यू टेक्नोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स कैपिटल पर बात करें।
जब हम बिहार के विकास की चर्चा बिजली, सड़क, पानी पर करते हैं तो ऐसा लगता है कि स्पेस टेक्नोलॉजी के जमाने में ऑटो मोबाइल टेक्नोलॉजी पर बात कर रहे हैं। अच्छी बात है कि इस बार कैबिनेट में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर काम करने को लेकर निर्णय हुआ है। नौ शहरों के बगल में सेटेलाइट सिटी विकसित करने की योजना है। हम तो चाहते हैं कि बिहार में साइंस रिसर्च यूनिवर्सिटी खुले, ग्लोबल लेवल के मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट खुले, इंडस्ट्रियल पार्क खुले, फूड प्रोसेसिंग की कई बड़ी कंपनियों के मुख्यालय बिहार में हो, सिर्फ सुधा ही क्यों? नेस्ले जैसी बड़ी कंपनी का मुख्यालय बिहार में हो।
यह सपना है, हकीकत में तभी बदलेगा, जब हम सारे बिहारी इन विषयों पर मंथन करेंगे। लेकिन दिक्कत है कि कपिल शर्मा के शो से छूट मिलते ही अनंत सिंह और गोपाल मंडल का इंटरव्यू सुनने लगते हैं, हंसते है, मजा लेते हैं। लेकिन कभी अपने हाल ए दिवालियापन पर नहीं हंसते है।
(लेखक सामाजिक चिंतक हैं।)
Tags :
bihar
development of bihar
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन