श्री वल्लभ राष्ट्र कथा : 12 फरवरी 2028 को एक करोड़ सरदारवादियों के जमावड़े का लक्ष्य
Patelon ki Baaten
Mon, Jun 8, 2026
भुड़कुड़ा (चुनार)। बारदोली सत्याग्रह के सौ साल पूरे होने पर 12 फरवरी 2028 को अहमदाबाद में एक करोड़ सरदारवादियों को जुटाने का लक्ष्य है। 12 फरवरी 1928 को सरदार पटेल ने बारदोली सत्याग्रह की शुरुआत की थी। इस जमावड़े से सरदारवादियों की ताकत का अहसास सत्ता प्रतिष्ठान को होगा। यह बात श्री वल्लभ राष्ट्रकथा वाचक हरीभाई पटेल वल्लभानंद ने कही। वह यहां जनता जनार्दन इंटर कॉलेज के खचाखच भरे सभागार में श्री वल्लभ राष्ट्रकथा सुना रहे थे। इसका संयोजन सरदार पटेल सेवा समिति भुड़कुड़ा के अध्यक्ष प्रमोद सिंह पटेल ने किया था।

हरीभाई पटेल ने कहा कि सरदार पटेल पर उन्होंने 40 घंटे की कथा की तैयारी की है। शहर-शहर, गांव-गांव में यह कथा सुनाकर सरदारवादियों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सरदार पटेल और डॉ. भीमराव आम्बेडकर के संबंधों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को भी दूर किया। कहा कि यह कहना सरासर गलत है कि सरदार की आम्बेडकर से नहीं बनती थी।
उन्होंने बारदोली आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि यहीं पर उनको सरदार उपाधि एक महिला ने दी। नेहरू और सरदार के बीच हुए पत्र व्यहार का भी जिक्र किया। हरीभाई ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि सरदार ने 552 रियासतों का भारत में विलय करवाया। कुछ लोग यह संख्या 562 तो कुछ लोग 564 तो कुछ इसे 565 कहते हैं। जबकि सही यह है कि सरदार पटेल ने 565 रियासतों का विलय भारत में करवाया था।
कथा शुरू होने से पहले कथा से संरक्षक इंजीनियर राज बहादुर सिंह ने सबसे पहले हरीभाई का परिचय कराया। करीब दो घंटे तक चली कथा में भारी संख्या में सरदारवादी उपस्थित थे। इनमें प्रमुख रूप से अनमोल सिंह, सरदार सेना के संस्थापक डॉ. आरएस पटेल, पूर्व सांसद बालकुमार पटेल, विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश महासचिव ओपी कश्यप, एमएलसी प्रत्याशी अरविंद सिंह, रमेश सिंह स्वामी, वंदना सिंह, पंकज सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, किसान नेता प्रह्लाद सिंह, आरएसएस के रामबुलावन सिंह, जालिम सिंह, अंकित सिंह सहित हजारों लोग उपस्थित थे। कथा के समापन पर सात्विक भोजन का भी प्रबंध था। इसका सफल संचालन सुरेंद्र कुमार सिंह ने किया।
Tags :
chunar
sardar patel
sardarists
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन