कुर्मियों की बातें : आसान नहीं है डॉ. आर एस पटेल होना..
Patelon ki Baaten
Mon, Dec 8, 2025
एड. रामलाल पटेल
सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए चट्टान की तरह खड़ा आ दमी जबकि खुद के घर परिवार में मातम जैसी स्थिति हो..
जरा सोचिये...
1)डॉ. आर एस पटेल के घर में 80 वर्ष के पिताजी श्री सीताराम पटेल आज ही लकवा 3rd अटैक से ग्रसित हो गये सूचना मिलते ही पुत्र धर्म का कर्तव्य निभाते हुए अन्य डॉ. की देखरेख में सौपते हुए समाज हित में निकल पड़े...
2) डॉ. आर एस पटेल जी के सगे बड़े भाई श्री अशोक पटेल का प्लेटलेट्स एकदम गिर चूका है वें एडमिट है वहां की जिम्मेदारी निभाना।
3) डॉ. आर एस पटेल जी के सगे मौसेरे भाई श्री श्यामलाल पटेल 52 वर्ष का निधन आज ही सुबह लगभग 3 बजे हों गया वहां पहुंचकर भाई का कर्तव्य निभाते हुए स्वयं कन्धा देकर अंतिम विदाई कर अगले संघर्ष के पड़ाव पर निकल पड़े..

4) डॉ. आर एस पटेल के अत्यंत करीबी, सरदार सेना के पिलर साथी तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री नारद पटेल (56 वर्ष )सगड़ी आजमगढ़ का निधन हो गया आज ही वहां पहुंचकर स्वयं सरदार सेना के पारिवारिक धर्म की जिम्मेदारी निभाते हुए कन्धा देकर अंतिम विदाई देकर पुनः गोण्डा के पीड़ित वर्मा परिवार के न्यायिक संघर्ष में शामिल होने निकल पड़े..!
5) डॉ. आर एस पटेल द्वारा घोषित गोंडा कांड में बर्मा परिवार को न्याय दिलाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ सैकड़ो सरदार सैनिकों के साथ गोंडा पहुंचकर परिवार को न्याय दिलाने के लिए पहल करने की जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम दिया डॉ. पटेल ने...!

आप लोग खुद से स्वयं में विचार करना कि न तो सांसद, न विधायक, न मंत्री यानी कोई ताज़ नहीं फिर भी समाज का बेताज बादशाह जिसके खुद के घर परिवार में मातम हो तो ऐसी विपरीत परिस्थितियों में सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना एक इंसान के रूप में कितना मुश्किल होगा..
यह डॉ.आर.एस पटेल जी के दैनिक जीवन के मात्र एक दिन आज दिनांक 07-12-2025 के संघर्ष की गाथा से परिचय करा रहा हूँ.. इसलिए कहता हूं कि डॉक्टर आर एस पटेल होना इस दौर में आसान नहीं.!
इसलिए आइये हम सब साथ मिलकर ऐसे व्यक्तित्व, निडर, निष्पक्ष संघर्षशील व समाज के लिए अपने घर, परिवार व जीवन को कुर्बान करने वाले के हौसले को टूटने न दें..!
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