Wed 18 Mar 2026
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चुनार में 15 राज्यों से आए लोगों की मौजूदगी में अभाकुक्ष महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक कर्मयोगी योद्धा थे आधुनिक बिहार के निर्माताओं में से एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरचंद पटेल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सम्मान समारोह 2026 “पहचान के साथ सम्मान" कार्यक्रम आयोजित विरह नहीं, राजनीतिक विश्वासघात की दास्तान है यह भारतीय कुर्मी महासभा का नाम अब हुआ भारतीय समता मूलक महासभा चुनार के पूर्व विधायक यदुनाथ सिंह की प्रतिमा के लिए सांसद अनुप्रिया पटेल को ज्ञापन "छत्रपति शिवाजी महाराज का वो ऐतिहासिक पत्र जो औरंगजेब के कारिंदे गद्दार राजा जय सिंह के नाम था" डॉ. गया प्रसाद कटियार के स्मृति दिवस पर उन्नाव में कवि सम्मेलन आयोजित यूजीसी के समर्थन में अपना दल कमेरावादी का लखनऊ में प्रदर्शन 10 फरवरी को किसान पुत्र से अंतर्राष्ट्रीय युवा नेता तक डॉ. जितेंद्र सिंगरौल की प्रेरक यात्रा चुनार में 15 राज्यों से आए लोगों की मौजूदगी में अभाकुक्ष महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक कर्मयोगी योद्धा थे आधुनिक बिहार के निर्माताओं में से एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरचंद पटेल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सम्मान समारोह 2026 “पहचान के साथ सम्मान" कार्यक्रम आयोजित विरह नहीं, राजनीतिक विश्वासघात की दास्तान है यह भारतीय कुर्मी महासभा का नाम अब हुआ भारतीय समता मूलक महासभा चुनार के पूर्व विधायक यदुनाथ सिंह की प्रतिमा के लिए सांसद अनुप्रिया पटेल को ज्ञापन "छत्रपति शिवाजी महाराज का वो ऐतिहासिक पत्र जो औरंगजेब के कारिंदे गद्दार राजा जय सिंह के नाम था" डॉ. गया प्रसाद कटियार के स्मृति दिवस पर उन्नाव में कवि सम्मेलन आयोजित यूजीसी के समर्थन में अपना दल कमेरावादी का लखनऊ में प्रदर्शन 10 फरवरी को किसान पुत्र से अंतर्राष्ट्रीय युवा नेता तक डॉ. जितेंद्र सिंगरौल की प्रेरक यात्रा

सुचना

Mirzapur : बगही निवासी डॉ. प्रवीण की पुस्तक प्रकाशित

Patelon ki Baaten

Tue, Dec 2, 2025

कैलहट (मिर्जापुर)। चुनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत बगही गांव निवासी डॉ. प्रवीण बाबू ने "CONTEMPORARY INDIA AND EDUCATION " नामक पुस्तक का लेखन कार्य कर अपने गांव और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने यह पुस्तक अपने विद्वान सहयोगी डॉ. नवदीप रंजन के सहयोग के साथ पूरा किया।

उन्होंने इस पुस्तक में भारतीय समाज में शिक्षा व्यवस्था , विश्व के कुछ प्रमुख चिंतकों के शैक्षिक और दार्शनिक विचारों को रखा। तथा हमारे समाज में व्याप्त जातिवाद ,क्षेत्रवाद, भाषावाद के प्रभावों का वर्णन करते हुए शिक्षा के संवैधानिक प्रावधानों पर प्रकाश डाला है । इसके साथ ही शिक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं, आयोगों के प्रावधानों का आधुनिक भारतीय समाज में प्रभाव का वर्णन किया है।

डॉ. प्रवीण ने अपनी इस उपलब्धि का मुख्य श्रेय अपने दादा महात्मा प्यारेलाल सिंह, पिता- विजय सिंह, छोटे पिता बृजकिशोर सिंह , छोटी माँ सुनीता देवी, पत्नी काजोल सिंह ,छोटे भाई आनंद विक्रम के साथ ही अपने गांव तथा क्षेत्र के सभी लोगों को दिया।

यह पुस्तक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े सभी प्रशिक्षुओं, शोधार्थियों, शिक्षाविदों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। इस पुस्तक की प्रमाणिकता की जांच गूगल में ISBN– 9781257133246 या पुस्तक के शीर्षक/ लेखक के नाम से किया जा सकता है।

Tags :

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