कुर्मियों की बातें : सोचिए, क्या आप सत्ता में होने के लिए डिजर्व करते हैं?
Patelon ki Baaten
Tue, Dec 2, 2025
दुर्गेश कुमार
न कलम चला सकते है, न लाठी, न बोल सकते है, न कागज की परत खोल सकते है, मेरे भाई छाती पर हाथ रख कर बोलिए क्या आप सत्ता में होने के लिए डिजर्व करते हैं?
न सड़क पर मुद्दों के लिए उतर सकते है, न असेंबली, संसद में सुलझे हुए लोगों को भेज सकते है, न पैसे फेक कर राज्यसभा खरीद सकते है. क्या आप डिजर्व करते हैं?
न आप साहित्य रचते है और न ही अखबार निकालते है, अपने बच्चों को गुलामी की भावना का एहसास कराने वाले कुंठित साहित्य पढ़ाने वाले कौम के लोग बताएं आप सत्ता के लिए डिजर्व करते हैं?
जो लोग घर में ढंग का साइंस, वर्ल्ड अफेयर्स, राजनीतिक मैग्जीन खरीदने पर पैसे नहीं खर्च करते है और न ही अपने एग्रीकल्चर के पेशे की माडर्न समझ रखते है क्या वो लोग सत्ता के लिए डिजर्व करते है?
जिस समाज के संपन्न लोग इंजीनियरिंग, डाक्टर, नौकरशाह, बी ग्रेड, सी ग्रेड के पेशे में गुम है जो कौम पब्लिक पर्सनालिटी पैदा नहीं करती उस कौम के संपन्न लोग बताएं क्या आप योग्यता के बावजूद अपेक्षित सम्मान के लिए आप डिजर्व करते हैं?
जिस कौम को सरकारी जाति कह दिया जाता है उस कौम के लोग अदने से काम के लिए रिरियाते है. क्योंकि पे बैक टू सोसाइटी की भावना धूमिल है.. जाति तभी याद आती है जब काम होता है. यदि पे बैक टू सोसाइटी के कांसेप्ट से इतेफाक नहीं रखते तो क्या आप शासक होने के लिए डिजर्व करते हैं?
राजधानी में लाखों की भेड़ भीड़ के बावजूद जिस कौम के पास किसी मसले पर मेमोरेंडम देने लायक भी एक सिविल सोसाइटी नहीं हो क्या वह सत्ता के लिए डिजर्व करता है?
समाज के मुद्दे पर तथाकथित पढ़े लिखे समाज में नि:स्वार्थ पांच-दस कलमची नहीं हो, दो-चार डेडिकेटिड मीडिया संस्थान नहीं हो क्या वह कौम सत्ता के लिए डिजर्व करता है?
जिस कौम के पास एक मुखर विधायक नहीं हो, सांसद नहीं हो क्या वह कौम सत्ता के लिए डिजर्व करता है?
जिस कौम के पास न दान करने ठेकेदार वाले हो, न राबिनहूड हो क्या वह सत्ता के लिए डिजर्व करता है?
सुधर जाइए, अभी भी पांच - दस समय है, अफसर बना कर भी गर्दन झुकाने वाली नस्लें बनने की जगह पत्रकार, वकील, ठेकेदार बनाइये.. सिविल सोसाइटी बनाइए.. संपन्न लोग जेबें ढंग से ढीली करें. चाणक्य की तरह पचास चंद्रगुप्त पैदा करें.. अभी भी देर नहीं हुआ है.. वरना जो अभी हालात है.. सबको मालूम है. आप किस खेत की मूल्ली है?
Tags :
power
kurmi
journalist
talk of kurmis
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन